सिरसा के गांव रायपुर की कहानी, दादा राहू के नाम पर बसाया था गांव

गांव मे प्राचीन रामदेव जी, ठाकुर जी, गोगामेड़ी, हनुमान जी का मंदिर व श्री गोपलपुरी आश्रम है। जो एक दार्शनिक स्थल के रुप में है। गांव के अधिकतर लोग कृषि व पशुपालन पर निर्भर है।

Sahab Ramअपडेट:
सिरसा के गांव रायपुर की कहानी, दादा राहू के नाम पर बसाया था गांव

सिरसा के गांव रायपुर को लगभग 180 वर्ष पूर्व लगभग 1840 में सरदार बैनिवाल ने यह गांव अपने दादा राहू के नाम पर रायपुर गांव बसाया था। गांव में 36 बिरादरी के लोग रहते है। गांव मे प्राचीन रामदेव जी, ठाकुर जी, गोगामेड़ी, हनुमान जी का मंदिर व श्री गोपलपुरी आश्रम है। जो एक दार्शनिक स्थल के रुप में है। गांव के अधिकतर लोग कृषि व पशुपालन पर निर्भर है।

महान विभूतियां

गांव रायपुर मे महान व्यत्कियों ने जन्म लिया जिन्होने समाज एवं अन्य क्षेत्रो में अतुल्य योगदान दिया है। उनमे से कुछ महान विभूतियां के नाम निम्नलिखित हैः

  1. श्री सुरदास जी महाराज (हरिचन्द) हरिश नगर जिन्होने नाथूसरी चौपटा नगर बनाया, जो पहले हरिशनगर के नाम पर था। स़ुरदास जी ने गांव में कुंआ व स्कूल बनाया।
  2. श्री हरिराम बैनीवाल पुत्र श्री मामचन्द्र बैनीवाल (पूर्व सरपंच) जिन्होने गांव रायपुर में लगातार सन् 1959 1977 (18वर्ष) सरपंच के पद पर रहकर अनेक जनहित के सामाजिक कार्य किये तथा गांव में आपसी भाईचारा कायम रख कर गांव में अनेक सामाजिक धार्मिक कार्य किये।

 

देश की रक्षा के लिए कार्यरत वीरों का विवरण

  1. श्री लीलू राम पुत्र श्री जयपालः भारतीय थल सेना।
  2. जगदीप पुत्र श्री बलवन्तः भारतीय थल सेना।
  3. रामस्वरुप पुत्र श्री चुन्नीलालः भारतीय थल सेना।
  4. बलबीर पुत्र श्री चुन्नीलालः भारतीय थल सेना।

 

जनसंख्याः 1626

गांव का रकबाः 1711

सुविधाएः जलघर व लाइब्रेरी

जोहड़-2

शिक्षाः राजकीय प्राथमिक पाठशाला

कुल मतदाताः 1079

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